मधेस बिना थरुहट राज्य सम्भव नै हो (अन्तर्वाता)

Mohan Chaudhary
मोहन चौधरी : महासचिव, थरुहट–तराई लोकतान्त्रिक परिषद्

अपने मजा आम्दानी रलक आइएनजीओके जागिर काजे छोर्ली?

हो नेपालमे रहल बेरोजगारीके सन्दर्भ म मै एक मजा आम्दानी रहल ओ आगे बह्र सेक्ना प्रशस्त सम्भावना रहल जागिर त्याग कैनु। यकर पाछ मोर आपन डेखल सपना ओ आपन जिन्दगीके मार्ग चित्र नै प्रमुख हो, जौन सपनम मै ४० बर्षके उमेर पाछ आपनहन नेपाल भित्तरके बिबिध ओ बिभेदित समाजमन थारून्के स्वाभिमान सहित राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक स्तर  आग बह्रैना एक सफल अभियन्ताके रुपम पाई चाहठुँ, जौन जागिर खाकन असम्भव रह, उह मारे मै जागिर छोर्नु।

मधेशी जनअधिकार फोरम (लोकतान्त्रिक) पार्टीप्रति अपनेक आकर्षण कसिक बह्रल? जबकी अपने थरुहटके वकालत कर्ना मनै, मधेशी बने कसिक गैली?

कौनो राजनीतिक पार्टीम जैटी कि पहिचान ओराजैना कना चिजसे मै सहमत नई हुईटुँ, उहसे मै थारू रहुँ, अब फे थारू हुईटं ओ  थारू जो रहबुँ। हो, मै थरुहटके वकालत विगत म फे कर्नु ओ भविष्यम फे म्वार थरुहटके वकालत संगसंग पहिचान सहितके औरफे संघीय राज्यके लाग निरन्तर वकालत जारी रही। जहाँसम्म बिगतमन एक मधेश एक प्रदेश ओ थारून्के पहिचानहन अध्यादेश मार्फत मधेशीकरण कईगिल बिरुद्धमन हुईलक थरुहट आन्दोलनके सन्दर्भ हो, थारून्के उ आन्दोलन मधेशीन्के ओ मधेसके बिरुद्धमन नै रह की, थारू मधेशी नै हुईटी ओ समग्र तराई जहाँ पूरुब मेचीसे पश्चिम महाकालीसम्म थारून्के बसोबास रहल अवस्थामन मधेश प्रदेश किल नई हुई सेकी, जनसंाख्यीक उपस्थिति, ऐतिहासिक निरन्तरता, पृथक भाषा ओ जीवन शैली रहल थारून्फे संघीय राज्य थरुहट चाही कना अर्थ मन हुईल हो।

जहाँसम्म फोरम लोकतान्त्रिकके ओर आकर्षणके बात बा, उ का हो कलसे दुई बर्ष जनादेश लेके गईल संबिधान सभा थप दुई बर्षके म्याद लेकेफे संबिधान सभामन रहलक बरवार दलन्के कारण पहिचान सहितके संघीयता ओ संघीयता सहितके संबिधान नई डेह सेकल ओ संबिधान सभा भंग हो गईल। देशमन परिबर्तनके जौन बैधानिक प्रकृया आग बह्रल रह, हाल उफे शुन्यमन आईल अवस्था बा। बर्तमान अवस्थामन थरुहट, मधेश लगायत अन्य सक्कु पहिचान स्थापित हो सेकल अवस्था बा, तर संस्थागत कर्ना बाँकी बा। थरुहट बिना मधेश, मधेश बिना थरुहट राज्य सम्भव नै हो ओ तराई भुभागमन थरुहट ओ मधेश संघीय राज्यबिना नेपालमन संघीयता फे सम्भव नई हो कना यथार्थ थारून्, मधेशीन् लगायत सक्कु संघीयताबादी शक्ति हुंकहन हेक्का हुईलक अबस्था हो। यी अर्थमन फोरम लोकतान्त्रिक थरुहट स्वीकारल एक पक्का संघीयताबादी पार्टी हो। डोसर कलक कौनोफे देशमन नागरिक सर्बोच्चता, सुशासन ओ सक्कुजनहनके लाग समान अवसर सुनिश्चित करक लाग प्रजातान्त्रिक प्रणाली एक निर्बिकल्प हो कना म बिश्वास कर्ना हुईल ओरसे मै लोकतान्त्रिक फोरम ओर लग्लक हो।

थरुहट तराई लोकतान्त्रिक परिषद फोरम (लोकतान्त्रिक) के भातृसंगठन हो। यी संगठन पार्टीमे निर्णायक भूमिका कसिक खेली?

थरुहट तराई लोकतान्त्रिक परिषद लोकतान्त्रिक फोरमके बिधान २०६६ धारा ४ (ज) अन्तर्गत गठन हुईलक एक शुभेच्छुक संस्था हो। यी संस्थाके सदस्यके रुपमन अईलक फोरम लोकतान्त्रिक पार्टीके सदस्यता लेहे पर्ना जरुरी नै हो। यी संस्थामन लागल कौनोफे मनै फोरम लोकतान्त्रिकके आदर्श, नीति, कार्यक्रम रुचाईल हुईल ओरसे यी संगठन आगामी चुनावमन पार्टीहन उल्लेख्य रुपमन जितैनामन प्रमुख भुमिका खेली ओ संगसंगे पार्टी भित्तर थरुहटके मुद्धाफे संस्थागत कर्टी लैजाई।

थरुहट तराई पार्टीमे फेन अपनेक जैना हल्ला रहे। का यी सत्य हो? यी पार्टीके भविष्य अपने कसिन डेख्ठी?

थरुहट आन्दोलनके अभियन्ताके हिसाबसे ओ थरुहट तराई पार्टीके स्थापनामन मोर आर्थिक, भौतिक ओ वैचारीक भूमिका ढिउर रलक ओरसे ओंहर जैना सम्भावना फे रहे। थरुहट तराई पार्टी खोल्नाके सन्दर्भ कलक का रह कलसे संबिधान सभासे पहिचान ओ संघीयता सहितके सबिधान पाजैवी ओ थरुहट संघीय राज्यमन क्षेत्रीय पार्टीके रुपमन थरुहट तराई पार्टी स्थापित रही कना रह। तर संबिधान सभा भंग होकन परिस्थिती शुन्यमन आईल अवस्था बा। यी सन्दर्भमन पार्टीहन भावनात्मक भोट ट कुछ मिलसेकी तर उ भोट निर्णायक नई रही कना मही लागठ। जहाँसम्म पार्टीके भविष्यके बात हो। उ ट उ पार्टीके जिम्मेवार संघरियनके कार्यशैली, मेहनत ओ उहाँ हंुकहनप्रति जनताके विश्वासके स्तरमन भर पर्ना चिज हो। तर मै ब्यक्तिगत रुपमन थरुहट तराई पार्टीके सफलताके शुभकामना डेह चाहम।

थारून् पिछरल कैह जाइठ, ओइन कसिक आगे बह्राइ सेक्जाइ?

थारून् पिछरल कैकन थारून् अपमानित करल अस लागट महिहन। का कर की, थारू समग्र पक्षमन पिछरल नैहुईट। मै थारून् खालि राजनीतिक ओ अन्य रोजगारीके क्षेत्रमनकेल पिछरल डेख्नु, ज्याकर उपाय कलक निर्बिकल्प रोजगारीमूलक शिक्षा ओ आपन मुद्धामन आपन नेतृत्वसहित के राजनीतिक पहल ओ समग्र अवसरमन समावेशी हस्तक्षेप हो। आपन मुद्धामन और जनहनके राजनीतिक ठेकेदारीके अन्त्य कईकन आगे बह्राई सेक्जाई।

ठाकुरद्वारामे रहल अपनेक थारू होमके ब्यापार कसिन बा? थारून्के ब्यापार का करे सफल हुइल नै डेख्जाइठ?

थारू होम रिसोर्ट, ठाकुरद्वारा एक पर्यटकीय क्षेत्रमन रहलक ब्यावसाय हो। याकर सुरुवाती अवस्था एकदम सन्तोष ओ उत्साहजनक बा। ब्यापार क्षेत्रमन फल खाईकलाग उतार चढावके साथसाथे एक लम्बा समयसम्म अश्रा करक परट। का कर की ब्यापार सेवा हो, सेवाके बारेमन सेवाग्राही हुंकहन पता हुईनाफे जरुरी बा, ओ पेशागत धर्म योजनाबद्ध तरिकासे पालना कर्ना फे जरुरी बा। जौन ब्यावहार ओ चरित्र ढिउर जैसिन थारू समुदायके सदस्यमन अभाव डेखपरठ। थारू समुदायमन एकचो काम कैकन बिग्रलसे, सच्याकन फेर उह काम नै कैकन, हार मानकन काम त्याग कर्ना संस्कार बा। उहमार हाँठ डारल काम सोंचल हसक सफल नैहुईट।

थारू युवा निराश बटाँ। उहाँलोगन कोनो सन्देश?

थारू युवा अप्नहुंक्र समाजके भबिष्य निर्धारक हुईटी, शिक्षाहन आत्मसाथ करी, अप्नक समाजमन घटल प्रत्येक घटनाके बारेमन जानकार रही, राजनीति प्रतिफे चासो डि, छलफल, अर्न्तक्रिया, बहसमन भाग लि, समाजके मुद्धाप्रति संगठित हुई, बरवार सोंच बनाई, सोंच पूरा करक लाग ब्याबहारमन प्रयोग कर ठोरचे फे ना डराई।

युवा ओ भईया बाबुहुंक्र दुई चिजम हतार ना कर्बी।  कम उमेरम भोज कर्ना ओ जीवनसे हार मान्कन आत्महत्या कर्ना। जीवन अमूल्य ओ शक्तिशाली बा, उहमार याकर महत्व ओ शक्तिहन सकेसम आपन, परिवार, समाज, देश ओ समग्र मानवीय हितके लाग ढेरसे ढेर सदुपयोग करी।

साभारः २०७० असार १, गोरखापत्र

7 thoughts on “मधेस बिना थरुहट राज्य सम्भव नै हो (अन्तर्वाता)

  1. Tapai le bhaney ko kura maa ma sahmat xu sir 1 dam thik kura garnu bho ma nawalparasi daunne devi 5 ganga basti ma basxu hal ma saudi arab ma xu

  2. Apnek sakku bichar se sahamat niralsephe, apnek rajnaitik naitikta dhaike bichar dharlama , khusilagal. E hirgar neta banna lakchan ho. Madhesi pahadi chhata ke birod kaika madhesi chhata oharna bat apnahema chunautipurna ba jasin lagthat mai, e golchakkar ma naphaska aaga gailase , future ojrar ba, khulla rajnitim prabes karlakma bahut khusi lagal, parti kana asta ho, samaye ansar bichar milna hukahanse gochali bhirna jo ho, suru ta kahuna kahun se karahi paral.. Jaya Tharuhat .

  3. Dear sir,
    I don’t like your interview because tharu are tharu not madhesi. tharu are not accept tharuwan state inside of madhes state. because tharu state is independent and madhes state is also independent. accourding your interview you are try to make all tharu are madhesi. plz sorry don’t try this ………….

  4. I don’t like your speech about tharuhat. Tharuhat is independent from many many many many years ago but madhes is create only on decade so we don’t accept tharuhan inside madhes. Don’t try to do this otherwise tharus don’t accept your politics.

  5. Mohan g apna interview ma ta gajab garnu vayo tharu ko parti bata paisa kamauna paiyana tesaile hola madesh parti ma gayako paisa kamauna lai ho….?

  6. थरुहट को खोल ओढेर मधेश को राजनीति गर्ने नालायक गद्दार हरु सर्प झै काचुल फेरेर आफ्नो अस्तित्व समाप्त पारी सकेकछन । एस्ता थरुहट का अस्तितव र पहिचान लाई समाप्त पार्न खोज्ने दलाल हरु लाई गाउ गाउ बाट बहिस्कार गर्नु पर्छ । ५ वटा थरुहट वीर शाहीद हरुको सपना लाई लत्याएर रुपैया र पैसा को लोभमा पारी थरुहट भुमी लाई बेच्न खिज्ने दलाल हरु लाई फासी दिनु पर्दछ ।

  7. Thanks Mohan-ji. for being a advocator for Madhesh and Tharuhat. It is time to be unite all of the people who live in Terai/Madhesh/Tharuhat. Politics is not sentimenal thing, it is a reality to make change in people’s life for peace, rights and prosperity. It is the demand of present situation to make cummulative effort of all people of terai rather than we only run behind the name of state. It is the only one person Mr. Bijay Gachhadar who can make the change for tharu community.

Leave a Reply

Your email address will not be published.